बिहार इंटरमीडिएट आर्ट्स टॉपर मोहद्दसा बनना चाहती हैं IAS

सेराज अनवर/पटना

मोहद्दसा ऐसे इलाक़े से आती है,जो बिहार का सबसे पिछड़ा खित्ता है.शिक्षा में बायसी का प्रतिशत भी कोई बेहतर नहीं है.बायसी पूर्णिया ज़िला का एक हिस्सा है,जो सीमांचाल में आता है.लेकिन,अब यह चर्चा में है. मोहद्दसा यहीं की है.जिसने इंटरमीडिएट आर्ट्स में टॉपर बन इलाक़े का नाम रौशन किया है. इस कामयाबी से मोहद्दसा के हौसले को ऐसा पर लगा है कि अब वह आईएएस बनना चाहती है.

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी मोहद्दसा को बधाई दी है और आगे की सफलता केलिए शुभकामनाओं से नवाज़ा है.मालूम हो कि इंटर के तीनों संकाय कला, विज्ञान एवं वाणिज्य में छात्राओं ने टॉप किया है.लम्बे अंतराल के बाद किसी मुस्लिम लड़की ने इस बुलंदी को पार किया है.सोशल मीडिया पर मोहद्दसा छा गयी है.मुबारकबादियों का तांता लगा हुआ है.

सरकार की ओर से मोहद्दसा को एक लाख रुपया, एक लैपटॉप और एक किंडल ई-बुक रीडर दिया जाएगा.मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज गया की कोमल ने भी कमाल कर दिया है.अल्पसंख्यक संस्थान से एक हिन्दू छात्रा के सेकंड टॉपर बनना भी चर्चा का विषय बना हुआ है.

bihar bord

कौन है मोहद्दसा ?

आर्ट्स की टॉपर मोहद्दसा पूर्णिया के उच्च माध्यमिक विद्यालय बायसी की छात्रा है.उसे 475 यानी 95 प्रतिशत अंक प्राप्त हुआ है.पिता का नाम मोहम्मद जुनैद आलम और माता का नाम रज़िया बेगम है.पिता शिक्षक हैं और माता गृहिणी.इनका पंचायत डोभाबारी हाई,जहां जश्न का माहौल है.बेटी की उपलब्धि पर माता-पिता भी  बहुत खुश हैं.

मोहद्दसा की मानें तो उसे पहले से मुझे उम्मीद थी कि परिणाम अच्छा ही आएगा.मैट्रिक में भी अच्छे नंबर लाई थी.उसी वक्त टॉप करने की ठान ली थी.पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद और अपने परिवार के साथ वक्त बिताना पसंद है.अच्छे मार्क्स के लिए ट्यूशन भी किया स्कूल से भी काफी सपोर्ट मिला है,वह बताती है.

मोहद्दसा का सपना अब आईएएस बनने का है.उसकी वजह भी बताती है जिस जगह से आती हूं वह बहुत पसमांदा है.यहां लड़कियां मैट्रिक या इंटर तक ही शिक्षा प्राप्त कर पाती हैं.आईएएस बन कर मैं उन लड़कियों केलिए प्रेरणास्रोत बनना चाहती हूं.

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कोमल ने भी कमाल कर दिया

नाम कोमल कुमारी है.कॉलेज मिर्ज़ा ग़ालिब है.उर्दू के मशहूर शायर असद उल्लाह खान मिर्ज़ा ग़ालिब के नाम पर.आम धारणा बनती है कि मुस्लिम लड़कियों का संस्थान है.लेकिन,कोमल ने मुस्लिम लड़कियों को पछाड़ते हुए सेकंड टॉपर बन इस मिथ्या को तोड़ दिया कि अल्पसंख्यक कॉलेज से ग़ैरमुस्लिम आगे नहीं बढ़ सकती है.

कोमल को सबसे अधिक बधाई मुस्लिम समाज से ही मिल रहा है.बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के इंटरमीडिएट रिजल्ट की घोषणा हुई तो  मिर्जा गालिब कॉलेज गया की कोमल कुमारी ने कॉमर्स की सेकंड टॉपर बन चौंका दिया. उसने कुल94.8%के साथ कुल 474अंक प्राप्त किए. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने तीन अभ्यर्थियों के बराबर अंक होने के कारण तीनों को समान रूप से सेकंड टॉपर घोषित किया.

अन्य दो छात्राओं में सीतामढ़ी की भूमि कुमारी और औरंगाबाद की तनुजा सिंह शामिल हैं.कोमल कुमारी के पिता का नाम अशोक कुमार और मां का नाम निर्मला देवी है. अल्पसंख्यक बहुल करीमगंज कुम्हार गली की रहने वाली कोमल बचपन से ही मेधावी छात्रा रही हैं.

कोमल ने बताया कि मेरी सफलता के पीछे मिर्जा गालिब कॉलेज के अध्यापकों का शिक्षण,मार्गदर्शन, माता-पिता का आशीर्वाद और अपना स्वाध्याय है. यह पूछे जाने पर कि क्या उन्हें सेकेंड टॉपर बनने की उम्मीद थी उसने बताया कि उनका आत्मविश्वास यह कह रहा था कि रिजल्ट बहुत अच्छा रहेगा.

छात्रा की उपलब्धि पर मिर्ज़ा ग़ालिब कॉलेज में भी उत्सव का माहौल देखा जा रहा है. कॉलेज के सचिव  शबी आरफीन शमसी, प्रोफेसर इंचार्ज  डॉ. शुजाअत अली खान,  शिक्षक प्रतिनिधि डॉ. सरवत शमसी, डॉ. आफ़ताब खान,डॉ.फज़लुर रहमान खान,डॉ. जावेद खान और डॉ. नुसरत जबीं सिद्दीकी आदि ने शुभकामनायें दी हैं. सचिव श्री शमसी ने कहा कि हमें पूर्ण विश्वास है कि कॉलेज के बच्चे आगे भी अपने परिश्रम और लगन से अपने संस्थान का नाम रोशन करते रहेंगे.

नीतीश कुमार भी हैं ख़ुश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि छात्राओं की यह उपलब्धि महिला सशक्तीकरण का बड़ा उदाहरण है. बालिकाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वो हर क्षेत्र में निरंतर प्रगति कर रही हैं.

साइंस,आर्ट्स,कॉमर्स में फर्स्ट टॉपर आने वाले को एक लाख रुपए,एक लैपटॉप और एक किंडल ई-बुक रीडर दिया जाएगा.सेकेंड को 75 हजार रुपए एक लैपटॉप और ईबुक रीडर.थर्ड को 50 हजार रुपए एक लैपटॉप और किंडल ई-बुक रीडर दिया जाएगा.

तीनों संकाय में 4th से 6th रैंक पर रहने वाले को 15 हजार रुपए और एक लैपटॉप मिलेगा.इस बार 13 लाख 04 हजार 586 विद्यार्थियों ने इंटर की परीक्षा दी थी जिसमें 83.70 % से ज्यादा परीक्षार्थी सफल हुए हैं.छात्राओं की उत्तीर्णता का प्रतिशत 85.50 तथा छात्रों की उत्तीर्णता का प्रतिशत 82.01 है.

नीतीश कुमार ने कहा कि छात्राओं के साथ ही उनके अभिभावक भी बधाई के पात्र हैं.बिहार विद्यालय परीक्षा समिति एवं शिक्षा विभाग ने कम समय में परीक्षा का परिणाम प्रकाशित किया. समय पर रिजल्ट के प्रकाशन से छात्र-छात्राओं को आगे की पढ़ाई के लिए एवं उच्चतर कक्षाओं में नामांकन के लिए पर्याप्त समय मिलेगा. इससे उनका हौसला बढ़ेगा.सभी सफल छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना है.

साभार: आवाज द वॉइस

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