बेटे के लिए भारत का समर्थन देखकर अभिभूत हूं : उमरान के पिता

आशा खोसा /नई दिल्ली

“मैं अपने बच्चे को जम्मू और पूरे भारत के लोगों से मिल रहे समर्थन और प्यार से अभिभूत हूं. मैं दुआ करता हूं कि ये आशीर्वाद बना रहे और वह कड़ी मेहनत करे और अपने देश को गौरवान्वित करे. ”

यह कहना है भारतीय क्रिकेट टीम के लिए चयन किए गए उमरान मलिक के पिता राशिद मलिक का. वह इन दिनों घर पर उन्हें मुबारकबाद देने आने वालों के साथ मुलाकात में व्यस्त हैं.

जम्मू के बाहरी इलाके नरवाल में ‘मलिक मंजिल‘ के बाहर, बड़ी संख्या में उत्साही युवा ‘उमरान भाई‘ की एक झलक पाने के लिए इधर-उधर घूमते देखे जा सकते हैं. उमरान समय पर बाहर आते रहते हैं और सभी उनके साथ सेल्फी लेते हैं. बीच में उमरान भी अपने घर की बालकनी से भीड़ को देखकर मुस्कुराते और हाथ हिलाते नजर आते हैं.

उमरान को सलाह दी गई है कि वह मीडिया से दूर रहे हैं, इसलिए उनके 55 वर्षीय पिता राशिद मलिक सभी मीडियाकर्मियों के लिए एक सूत्रीय संपर्क व्यक्ति बने हुए हैं.

उमरान मलिक का पालन-पोषण जम्मू के गुर्जर नगर के एक मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार में हुआ है. पिता बताते हैं, “वह अपने दादा-दादी, चाचा और सभी के प्रिय हैं. उनकी मां अपने बेटे को खुश देखने में कोई कसर नहीं छोड़तीं.

भारतीय तेज गेंदबाज के पिता राशिद मलिक ने कहा,“मैंने देखा है कि क्रिकेट के प्रति अपने जुनून को पूरा करने के लिए उसे जीवन में सब कुछ मिला है. यह देखना मेरी जिम्मेदारी थी कि वह अभाव की भावना के साथ नहीं रहे. ”

उमरान का चयन हाल में भारतीय टी -20 टीम के लिए हुआ है. उनके 55 वर्षीय पिता ने जम्मू से फोन पर आवाज-द वॉयस को बताया, ‘‘मेरे लिए अपनी खुशी का वर्णन करना मुश्किल है. जब से बेटे के टीम में चयन की खबर मिली है, शहीदी चैक स्थित अपनी दुकान नहीं गए हैं. उनके बेटे को दक्षिण अफ्रीका के दौरे के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है और वह घर आए हुए हैं.

उन्होंने बताया,‘‘मैं आगंतुकों , दोस्तों, परिवार और सभी से मिलने में व्यस्त हूं . मेरे पास काम के लिए समय नहीं है.‘‘ उन्होंने कहा, ‘‘हम सीधे-सादे और जमीन से जुड़े लोग हैं, इसलिए जब उपराज्यपाल मनोज सिन्हा हमारे बच्चे उमरान मलिक से मिलने हमारे घर आए तो मैं आपको बता नहीं सकता कि हम कितने आभारी हैं.‘‘सिन्हा ने मंगलवार की शाम परिवार के साथ समय बिताया और उनसे कहा कि उनकी सरकार उमरान के प्रशिक्षण के लिए सभी खर्च वहन करने को तैयार है. उन्होंने स्थानीय मीडिया से यह भी कहा कि अगर उमरान चाहें तो उन्हें भविष्य में सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी.

राशिद और उनकी पत्नी सीमा बीबी ने अपनी दो बेटियों शहनाज और सायमा और सबसे छोटे बच्चे उमरान को बहुत प्यार से पाला है. उमरान ने एक स्थानीय निजी स्कूल में पढ़ाई की और बचपन में ही क्रिकेट में अपनी रुचि और जुनून दिखाया. सायमा शादीशुदा हैं, जबकि शहनाज पोस्ट ग्रेजुएट है और नौकरी की तलाश में हैं.

राशिद की शाहिदी चैक पर फलों की दुकान अपने पिता से विरासत में मिली है और इससे परिवार का भरण-पोषण करना जारी है. दो साल पहले उन्होंने नरवाल में घर बनाया और परिवार वहीं शिफ्ट हो गया.

परिवार डोगरी बोलता है, जबकि उमरान हिंदुस्तानी में बात करना पसंद करते हैं.राशिद का कहना है कि उमरान एक साधारण लड़का है जिसकी कोई मांग नहीं है. “वह घर पर है और उसने अपनी मां से भोजन के लिए कोई विशेष अनुरोध नहीं किया है.

उसे जो परोसा जाता है, वह खा लेता है.‘‘ जून के पहले सप्ताह में दक्षिण अफ्रीका के लिए रवाना होने से पहले उमरान परिवार के साथ समय बिताने के लिए चार दिन के लिए घर आए हैं.

उमरान ने आईपीएल में सनराइजर्स हैदराबाद के लिए 13 मैचों में 21 विकेट लिए हैं. 95 मील प्रति घंटे की रफ्तार से लगातार गेंदबाजी करने की उनकी क्षमता है जिसने सभी को आकर्षित किया है.

साभार: आवाज द वॉइस

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